लड़का लड़की में फर्क न समझें, ये दोनों ईष्वरीय देन हैं : रीमा मिश्रा

अंतरास्ट्रीय महिला दिवस पर सदर अस्पताल में नवजात शिशुओं को दिया गया वस्त्र

एकेमिश्रा फाउंडेशन के तत्वधान में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर प्रमण्डलिय सदर अस्पताल के बच्चा वार्ड में महिला विंग द्वारा सैंकड़ों नवजात बच्चीयों को वस्त्र व महिलाओं को कंबल वितरण कर शुभकामनाएं दिया गया, इस अवसर पर एकेमिश्रा फाउंडेशन के महिला विंग अध्यक्ष रीमा मिश्रा ने महिलाओं और नवजात बच्चीयों के साथ घंटो समय बिताकर उनका हाल चाल जाना, महिलाओं व बच्चीयों को देख रीमा मिश्रा काफी भावुक हो गई इस बीच उन्होंने कहा कि लड़का और लड़की में फर्क न समझे ये दोनों ईष्वरीय देन हैं, महिला दिवस पर जोर देते हुए उन्होंने  "बेटी बचाव बेटी पढ़ाव" का नारा देते हुए कहा कि बिना नारी के समाज की उत्थान की कल्पना ही नहीं कि जा सकती. जननी ही जीवन का आधार है एक माँ, एक पत्नी, एक बहन, एक बेटी न जाने किस किस रूप में नारी समाज को बांधे रखती है. इसलिए आज नारियों का सम्मान करना चाहिए. "बेटी बचाव बेटी पढ़ाव" कार्य्रकम के तहत रीमा मिश्रा ने नवजात शिशु के सैकड़ों माँ से मिलते हुए उनके लालन पालन में भरपूर ख्याल रखने को कहा. वहीं शिक्षा, स्वास्थ्य और संस्कृति से परिपूर्ण पोषण देने को लेकर ढेरों शुभकामनाएं भी दी.